आशावादी हर मुश्किल घड़ी में आवश्यकता है और निराशावादी बहाने। हर किसी को इतनी अहमियत दो जितनी तुमको देता है अगर कम दोगे घमंडी कहलाओगे और अगर ज्यादा दोगे ख
आशावादी हर मुश्किल घड़ी में आवश्यकता है और निराशावादी बहाने। हर किसी को इतनी अहमियत दो जितनी तुमको देता है अगर कम दोगे घमंडी कहलाओगे और अगर ज्यादा दोगे ख